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आपका जीवन आपका खुद का गढ़ा होता है। जीवन को खुद ही बनाते व बिगाड़ते हैं। हमारी अपने बारे में अपने नियत कर्मों की अज्ञानता ही हमारी बाधाओं और कष्टों का कारण होती है। वास्तविकता में नियत कर्म हमारे जीवन की ऊर्जा भी है और सॉफ्टवेयर भी है।
बिना कर्मोलॉजी के ज्ञान के आप अपना मनचाहा भाग्य बनाने वाली एनर्जी को अपने जीवन में डाउनलोड करना नही जान पाते है।
हमें, अपना यह शरीर सबसे महत्वपूर्ण equipment की तरह मिल तो गया है पर user manual अपने आप साथ में किसी को नही मिला होता है। इस knowledge को “कर्मोलॉजी” के अन्तर्गत जानना ही होता है। अन्यथा हमारी शरीर रूपी सबसे महत्वपूर्ण device में energy के सातों चक्राज़ disbalance होकर हमारे जीवन को असंतुलित कर देते हैं
यदि हम अपने जीवन में ऐसा सिस्टम लगा लेते हैं जिसमें हमारे द्वारा की जाने वाली error स्वयं ही सुधार करने की व्यवस्था हो तो हमारा यह छोटा सा जीवन केवल संघर्षों व समस्याओं के समाधान में ऊर्जाओं को व्यर्थ ही गंवाने को मजबूर नही होगा बल्कि उन ऊर्जाओं को अपने जीवन की प्रगति में लगा पाएगा।
हमारा यह जीवन हमें इस प्रकार मिलता है कि जीवन तो मिल गया लेकिन हमारे व्यक्तिगत जीवन की सारी जानकारियां ताला बंद होती है
जो लोग अपने नियत/ निर्धारित कर्मों की पूर्णता पा लेते है वही लोग अपने जीवन को मनचाहा गढ़ पाते हैं। बाकी हम सब कर्म योनि को भोग योनि बना लेते हैं और भोगते रहते हैं।
इसलिए हमारे जीवन का मुख्य लक्ष्य सर्वप्रथम प्राथमिकता लिए हुए अपने “निर्धारित कर्मों के ज्ञान” को प्राप्त करना होना चाहिए तभी हम अन्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सक्षम व्यक्ति हो पाएंगे।
जो लोग अपने नियत कर्मों को अपनाते हुए शरीर छोड़ते हैं वो ही इस कर्म योनि को सार्थक कर पाते हैं।
कभी हताशा-निराशा डिप्रैशन की स्थिति में न आएं, भाग्य सदा जागा रहे, उपलब्धियां समय पर पाएं, अनावश्यक विलम्ब न हो जो भी कार्य करें उसमें लाभ हो, हानि न हो, जीवन प्रगतिशील हो।
ये सब आप पा सकते हैं अपने नियत कर्मों के ज्ञान से यानि कि अपनी full knowledge of your own personal fixed karmas द्वारा। इसको जानने के लिए देखें What is code of karma You Tube पर व www.codeofkarma.com पर।
पायलेट लक्ष्य तक जब पहुंच पाता है जब पूरा direction लगातार पाता है, कर्मोलॉजी के निर्देशन में अपने “व्यक्तिगत निर्धारित कर्म संहिता” (Code of Karma) द्वारा, इसीलिए तो प्रगतिशील जीवन प्राप्त कर पाते हैं।
यह ज्ञान, हाथों के थम्ब, फिंगर प्रिंट्स का ग्राफिक स्टडी से आपकी soul के etheric codes, past life के कार्मिक कोड्स निकाल कर प्राप्त हो पाता है इस personal knowledge को ही कहा जाता है “your own personal code of karma”। इसलिए “अपनाइए अपना Code of Karma जिससे बनता है मनचाहा भाग्य भविष्य अपना”, “अपना जीवन यूं ही ना बिताइए नॉलेज ऑफ कर्मोलॉजी अपनाइए”
इसलिए इस वर्ष का मेमोरेण्डम व जीवन का फोकस पॉइण्ट होना चाहिए-
“Mission to Establish Karmology in Own Life Nothing Else”
एस्ट्रो सांइटिस्ट (कर्मोलॉजिस्ट)– भारत ज्ञान भूषण
अध्यक्ष- विश्व ज्योतिष संघ
भारत ज्योतिष शोध संस्थान/विद्यापीठ
177– बोम्बे बाजार, मेरठ कैण्ट।
फोन नं: 9359595949, 9267444449, 0121–2666888, Whatsapp no-9837060046
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